Director’s Message (निदेशक संदेश)

आईआईएम, नागपुर में आपका स्वागत है

आईआईएम, नागपुर ने अपनी यात्रा जनवरी, 2015 में आईआईएम, अहमदाबाद के मार्गदर्शन में शुरू की. लिहाजा, आईआईएम, नागपुर की शुरुआत विश्वस्तरीय स्नातकोत्तर (पोस्टग्रेजुएट) प्रोग्राम(पीजीपी) पाठ्यक्रम, संकाय और आधारभूत संरचना के साथ हुई है. आईआईएम, नागपुर के पोस्टग्रेजुएट पाठ्यक्रम की विशेषता फील्ड इमर्शन मॉड्यूल है. इस पाठ्यक्रम के तहत विद्यार्थी, छोटे-छोटे समूहों में प्राध्यापकों के मार्गदर्शन में संस्थानों का भ्रमण कर, उनकी कार्यप्रणाली और समस्या समाधान के तरीके का अध्ययन करते हैं. अध्ययन के इस तरीके से न केवल विद्यार्थी, बल्कि संस्थान को भी फायदा होता है. हमें यह बताने में बेहद प्रसन्नता हो रही है कि नागपुर और उसके आसपास के संस्थान हमारे इस ‘मॉड्यूल’ की प्रशंसा कर रहे हैं.

हमारा प्रयास आईआईएम, नागपुर को विश्वस्तरीय संस्थान बनाने का है. हमारा दृढ़ विश्वास है कि किसी भी शैक्षणिक संस्थान की गुणवत्ता का मुख्य आधार उसके शिक्षक होते हैं. हम शिक्षण और शोध के क्षेत्र में उच्चस्तरीय, उत्कृष्ट उपलब्धियों वाले शिक्षकों की तलाश में हैं. हम जल्द ही अपने स्थायी कैंपस में विश्वस्तरीय अधोसंरचना विकसित कर लेंगे. इसके लिए हमें मिहान (मल्टीमॉडल इंटरनेशनल हब एयरपोर्ट एट नागपुर) में 130 एकड़ की जमीन प्रदान की गई है. यह जगह शोध के लिए बेहद उपयुक्त है साथ ही सीखने-सिखाने के लिए उत्कृष्ट माहौल प्रदान करने वाली है.

हम समाज को प्रबंधन क्षेत्र में शिक्षा का प्रचार और प्रसार करके अपना योगदान देने के लिए प्रतिबद्ध हैं. साथ ही समाज को योग्य और नैतिक पेशेवर प्रबंधक उपलब्ध कराना चाहते हैं ताकि उनके सहयोग से व्यवसाय जगत अधिक प्रभावशाली और कुशल बन सके. हमने बड़े उत्साह और उम्मीद के साथ अपना पीजीपी पाठ्यक्रम तैयार किया है. हम उसकी समय-समय पर समीक्षा भी करते रहते हैं ताकि उसकी अवधारणा प्रासंगिक बनी रहे. हमारे शिक्षक पूरे उत्साह के साथ इस प्रयास में लगे रहते हैं कि शिक्षण को किस तरह और अधिक रोचक तथा प्रभावी बनाया जाए. वे लगातार विद्यार्थियों के संपर्क में बने रहते हैं-कक्षा में और कक्षा से बाहर भी. वे उनकी रचनात्मक और अभिनव बौद्धिक चुनौतियों को स्वीकारते रहते हैं. विद्यार्थियों की सीमा केवल सैद्धांतिक शिक्षा तक ही नहीं है, वे अपने व्यक्तित्व को बहुआयाम देने के लिए विभिन्न रचनात्मक गतिविधियों के संचालन के लिए क्लब बनाते हैं और पाठ्यक्रम के अतिरिक्त क्रियाकलापों को भी अंजाम देते हैं.

आप भी हमारी इस रोमांचक यात्रा में शामिल हों...

प्रो.एल.एस.मूर्ति